Shiva Svarodaya With Bhasha Tika

Shiva Svarodaya With Bhasha Tika

Pt. Mihira Chandra

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Author Pt. Mihira Chandra
Publisher Khemraj Sri Krishnadas (2021)
Categories Tantra
Languages Hindi, Sanskrit
File Size 35.48 MB
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Description

शिव स्वरोदय भाषा टीका सहित स्वरोदय शास्त्र, योग, नाड़ी-विज्ञान तथा तांत्रिक परंपरा से संबंधित एक महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथ है। इस संस्करण में संस्कृत के मूल श्लोकों के साथ हिंदी भाषा-टीका दी गई है, जिससे पाठकों को ग्रंथ में वर्णित विषयों और श्लोकों का अर्थ समझने में सुविधा होती है। शिव स्वरोदय को भारतीय योग एवं स्वरोदय परंपरा का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। इसकी विषयवस्तु मुख्य रूप से स्वर, श्वास, प्राण, नाड़ी और योगिक साधना से संबंधित है। ग्रंथ की परंपरा में भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद के माध्यम से विभिन्न आध्यात्मिक एवं योगिक सिद्धांतों का वर्णन किया गया है। इस ग्रंथ में श्वास के प्रवाह और विभिन्न स्वरों के संबंध में पारंपरिक विचार प्रस्तुत किए गए हैं। शरीर में स्थित नाड़ियों, प्राण के प्रवाह तथा स्वर की विभिन्न अवस्थाओं से संबंधित विषयों का भी वर्णन मिलता है। स्वरोदय परंपरा में स्वर के निरीक्षण और उसके आधार पर विभिन्न कार्यों एवं साधनाओं के संबंध में विचार किया जाता है। इस पुस्तक की प्रमुख विशेषता हिंदी भाषा-टीका है। मूल संस्कृत पाठ के साथ हिंदी व्याख्या होने के कारण संस्कृत भाषा का सीमित ज्ञान रखने वाले पाठकों के लिए भी ग्रंथ को समझना अपेक्षाकृत सरल हो जाता है। संस्कृत, योग, तंत्र, स्वरोदय शास्त्र और भारतीय आध्यात्मिक साहित्य का अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं के लिए यह उपयोगी संदर्भ सामग्री हो सकती है। शिव स्वरोदय में भारतीय पारंपरिक ज्ञान-परंपरा के अंतर्गत नाड़ी, स्वर, प्राण, श्वास, ध्यान, योग और साधना से संबंधित अनेक विषयों का विवेचन किया गया है। ग्रंथ की सामग्री भारतीय तांत्रिक एवं योगिक साहित्य की ऐतिहासिक परंपराओं को समझने में भी सहायक हो सकती है। यह पुस्तक विशेष रूप से उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो स्वरोदय शास्त्र, शिव-शक्ति परंपरा, योग साहित्य, तांत्रिक ग्रंथ और संस्कृत धार्मिक साहित्य का अध्ययन करना चाहते हैं। मूल संस्कृत श्लोकों और हिंदी टीका का साथ-साथ होना इस संस्करण को अध्ययन की दृष्टि से उपयोगी बनाता है।

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