Shree Bhagwan Nama Chintan of Hanuman Prasad Poddar

Shree Bhagwan Nama Chintan of Hanuman Prasad Poddar

Hanuman Prasad Poddar

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Author Hanuman Prasad Poddar
Publisher Geeta Press Of Gorakhpur (1971)
Categories Geeta Press Books
Languages Hindi
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Description

श्रीभगवन्नाम-चिन्तन श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ द्वारा प्रस्तुत एक भक्तिमय आध्यात्मिक कृति है, जो मनुष्य को भगवान के नाम की शक्ति और महिमा की यात्रा पर ले जाती है। ग्रन्थ की शुरुआत भगवन्नाम के चिन्तन और उसके दिव्य प्रभाव से होती है। धीरे-धीरे पाठक को यह अनुभूति कराई जाती है कि भगवान का नाम केवल उच्चारण करने का शब्द नहीं, बल्कि जीवन को शुद्ध करने और ईश्वर से जोड़ने वाला सरल साधन है। कथा-प्रवाह में भगवान के नाम की महिमा से जुड़े शास्त्रीय प्रसंग आते हैं, जिनमें अजामिल का प्रसिद्ध प्रसंग विशेष रूप से नाम की अद्भुत शक्ति को सामने रखता है। आगे श्रीकृष्ण-नाम और श्रीराधा-नाम की महिमा, राम-नाम का प्रभाव तथा हरिनाम-कीर्तन की आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन मिलता है। नाम-जप कैसे किया जाए, किस भाव से किया जाए और दैनिक जीवन में भगवान के नाम को किस प्रकार साधना बनाया जाए—इन प्रश्नों के उत्तर भी सरल रूप में मिलते हैं। ग्रन्थ आगे बढ़ते हुए पाठक को यह संदेश देता है कि कलियुग में जटिल साधनाओं के स्थान पर भगवन्नाम का जप और कीर्तन अत्यन्त सहज एवं प्रभावकारी मार्ग है। विभिन्न संतों, महापुरुषों और भक्तों के जीवन से जुड़े प्रसंग इस विश्वास को और दृढ़ करते हैं। महामना मालवीयजी और महात्मा गाँधीजी के जीवन में भगवन्नाम के महत्त्व से जुड़े संस्मरण तथा पत्रों में वर्णित नाम-जप के प्रसंग इस आध्यात्मिक यात्रा को और जीवंत बना देते हैं। अन्ततः पुस्तक का भाव एक ही केन्द्र पर आकर ठहरता है—भगवान का नाम श्रद्धा और प्रेम से लिया जाए तो वही साधन भी है और साध्य की ओर ले जाने वाला मार्ग भी। मनुष्य अपने सुख-दुःख, भय, संकट और दैनिक जीवन के प्रत्येक क्षण में भगवन्नाम का आश्रय लेकर अपने भीतर शान्ति, विश्वास और भक्ति का अनुभव कर सकता है। इस प्रकार श्रीभगवन्नाम-चिन्तन केवल नाम की महिमा बताने वाली पुस्तक नहीं, बल्कि पाठक को नाम-स्मरण की ओर प्रेरित करने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है।

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