Atharva Veda Sanskrit Hindi

Atharva Veda Sanskrit Hindi

Veda Vyasa

Author Veda Vyasa
Editor Dr. Ganga Sahaya Sharma
Publisher Sanskrit Sahitya Prakasan New Dehli (2015)
Categories Veda Upanishad
Languages Sanskrit
File Size 7.26 MB
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Description

अथर्ववेद संस्कृत हिंदी वैदिक साहित्य की महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक है, जिसमें अथर्ववेद के मंत्रों एवं वैदिक सामग्री को संस्कृत पाठ के साथ हिंदी में समझने में सहायता मिलती है। अथर्ववेद चारों वेदों में से एक है और इसमें आध्यात्मिक चिंतन के साथ-साथ स्वास्थ्य, शांति, गृहस्थ जीवन, सामाजिक कल्याण, प्रार्थना और विभिन्न जीवन-परिस्थितियों से संबंधित मंत्र मिलते हैं। अथर्ववेद की विशेषता यह है कि इसमें मानव जीवन के दैनिक और व्यावहारिक पक्षों से जुड़े अनेक विषयों का उल्लेख मिलता है। इसमें शांति, समृद्धि, आरोग्य, दीर्घायु, परिवार, समाज और आध्यात्मिक उन्नति से संबंधित वैदिक मंत्रों एवं विचारों का संकलन है। वैदिक संस्कृति, संस्कृत साहित्य और भारतीय दर्शन को समझने के लिए अथर्ववेद का अध्ययन विशेष महत्व रखता है। इस संस्करण के संपादक डॉ. गंगा सहाय शर्मा हैं और इसका प्रकाशन संस्कृत साहित्य प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2015 में किया गया है। पुस्तक संस्कृत भाषा में है और वैदिक साहित्य में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, अध्येताओं, शोधार्थियों तथा सामान्य पाठकों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री हो सकती है। अथर्ववेद को परंपरा में चतुर्थ वेद माना जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के मंत्र, प्रार्थनाएँ और सूक्त संकलित हैं। अन्य वेदों की तुलना में अथर्ववेद में मानव जीवन के सामान्य और व्यावहारिक पक्षों का विशेष रूप से विस्तृत वर्णन मिलता है। इसमें शांति, स्वास्थ्य, सुरक्षा, परिवार, कृषि, सामाजिक जीवन और आध्यात्मिक चिंतन जैसे अनेक विषय दिखाई देते हैं। अथर्ववेद वैदिक कालीन समाज, संस्कृति, धार्मिक विश्वासों और जीवन-दृष्टि को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। इसके मंत्रों में प्रकृति, देवताओं, मनुष्य और विश्व के बीच संबंधों की विभिन्न अभिव्यक्तियाँ देखने को मिलती हैं।

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