Rigveda Sanskrit with Hindi

Rigveda Sanskrit with Hindi

Veda Vyasa

Author Veda Vyasa
Editor Dr Ganga Sahaya Sharma
Publisher Sanskrit Sahitya Prakasan (2016)
Categories Veda Upanishad
Languages Hindi, Sanskrit
File Size 11.98 MB
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Description

ऋग्वेद विश्व का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है, जिसकी रचना लगभग 3500-4000 वर्ष पूर्व सप्तसिंधु (सिन्धु नदी का क्षेत्र) में हुई थी। यह चार वेदों में प्रथम एवं सबसे महत्वपूर्ण वेद है। 'ऋग्वेद' शब्द का अर्थ है— 'ऋचाओं का वेद' (ऋक् का अर्थ है स्तुति, मंत्र या ज्ञान)। इसमें कुल 10 मंडल (अध्याय), 1028 सूक्त (स्तुतियाँ) और लगभग 10,600 मंत्र संकलित हैं। ये मंत्र प्राचीन ऋषियों द्वारा देवताओं—अग्नि, इंद्र, वरुण, सूर्य, उषा, पृथ्वी आदि—की स्तुति में रचे गए थे। ऋग्वेद केवल धार्मिक स्तुतियों का संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति, भाषा, दर्शन, खगोलशास्त्र, आयुर्वेद, गणित, और यज्ञ-पद्धति का प्राचीनतम स्रोत है। इसकी भाषा वैदिक संस्कृत है, जो शास्त्रीय संस्कृत से पुरानी और अधिक जटिल है। ऋग्वेद के अध्ययन के लिए सायणाचार्य (14वीं शताब्दी) द्वारा रचित 'सायण भाष्य' सबसे प्रसिद्ध एवं प्रामाणिक टीका मानी जाती है। इसी भाष्य के आधार पर डॉ. गंगा सहाय शर्मा ने हिंदी अनुवाद प्रस्तुत किया है, जो हिंदीभाषी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। ऋग्वेद का 10वाँ मंडल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पुरुष सूक्त, नासदीय सूक्त (सृष्टि-रहस्य), और सूर्य-सिद्धांत जैसे दार्शनिक विषयों की चर्चा है। यह न केवल हिंदू धर्म बल्कि विश्व के विभिन्न धर्मों और दर्शन के अध्ययन का आधार स्तंभ रहा है। यही कारण है कि यूनेस्को ने ऋग्वेद को विश्व धरोहर साहित्य में स्थान दिया है। प्रस्तुत संस्करण संस्कृत साहित्य प्रकाशन द्वारा 2016 में प्रकाशित हुआ, जो शुद्ध संस्कृत मूलपाठ एवं सरल हिंदी अनुवाद के साथ इस दिव्य ग्रंथ को सामान्य पाठकों के लिए सुलभ बनाता है।

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