सनातन स्तोत्र संग्रह
Aarati Collection
सनातन देव

॥ आरती श्री गणेश जी की ॥

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रचयिता: पारंपरिक पाठ संख्या: 7
लिपि छनोट (Select Script): देवनागरी (संस्कृत)
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॥ आरती श्री गणेश जी की ॥ जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा । माता जाकी पारवती पिता महादेवा ॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी । माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी ॥ पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा । लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा ॥ अंधे को आँख देत कोढ़िन को काया ।बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया ॥ सूर श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा । जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ॥
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