Bhanu Bhakta Ramayan Nepali
| Total Views | 295 Views |
|---|---|
| Author | Bhanubhakta Aacharya |
| Publisher | Sajha Prakasan (2008) |
| Categories | Nepali Novel, Nepali Sahitya, Ramayan |
| Languages | Nepali |
| File Size | 14.06 MB |
| Source / Credit | View Original |
Description
Bhanu Bhakta Ramayan नेपाली साहित्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कृति है, जो संस्कृत महाकाव्य Ramayana का सरल नेपाली अनुवाद है। इसका रचनाकार Bhanubhakta Acharya हैं, जिन्हें नेपाली साहित्य का “आदिकवि” कहा जाता है। उन्होंने वाल्मीकि रामायण को शब्दशः नहीं, बल्कि भावार्थ के रूप में सरल और सुंदर नेपाली भाषा में प्रस्तुत किया, जिससे यह आम जनता तक पहुँच सकी। कहानी अयोध्या के राजा दशरथ और उनके चार पुत्रों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—से शुरू होती है। राम सत्य, धर्म और कर्तव्य के आदर्श प्रतीक हैं। कैकेयी के वरदान के कारण राम को 14 वर्षों का वनवास मिलता है, और वे सीता तथा लक्ष्मण के साथ वन चले जाते हैं। वन में रावण छल से सीता का हरण कर लंका ले जाता है। राम हनुमान और वानर सेना की सहायता से समुद्र पर सेतु बनाकर लंका पहुँचते हैं। वहाँ भयंकर युद्ध होता है और राम रावण का वध करते हैं। सीता का उद्धार होता है और राम अयोध्या लौटकर आदर्श राजा बनते हैं, जिससे “रामराज्य” की स्थापना होती है। भानुभक्त की रामायण सरल भाषा, भावनात्मक शैली और नैतिक शिक्षा के लिए प्रसिद्ध है।
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