Nepali Novel Sumnima of BP Koirala Read PDF
| Author | BP Koirala |
|---|---|
| Publisher | Sajha Prakasan (2010) |
| Categories | Nepali Novel |
| Languages | Nepali |
| File Size | 10.61 MB |
| Source | View Original |
Description
यह उपन्यास मुख्य रूप से दो संस्कृतियों के टकराव के इर्द-गिर्द घूमता है—
एक ओर प्राकृतिक, स्वतंत्र और जीवनमुखी किरात संस्कृति है, और दूसरी ओर नियम, संयम और धर्म पर आधारित ब्राह्मण संस्कृति।
कहानी के प्रमुख पात्र सुम्निमा (किरात युवती) और सोमदत्त (ब्राह्मण युवक) हैं। सुम्निमा प्रकृति के करीब रहने वाली, स्वतंत्र और जीवन को सहज रूप से स्वीकार करने वाली पात्र है, जबकि सोमदत्त कठोर धार्मिक संस्कारों और ब्रह्मचर्य में विश्वास रखने वाला व्यक्ति है। इन दोनों के संबंध के माध्यम से लेखक विश्वेश्वरप्रसाद कोइराला ने मानव जीवन में प्रकृति और संस्कार के बीच होने वाले संघर्ष को दर्शाया है। अंततः लेखक यह बताना चाहते हैं कि मनुष्य न तो पूरी तरह केवल धर्म के बंधनों में बंधकर जी सकता है और न ही पूरी तरह प्रकृति से अलग रह सकता है। जीवन का वास्तविक अर्थ संतुलन में ही निहित है।
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