Vrihad Hasta Rekha Shastra | वृहद हस्तरेखा शास्त्र
| Total Views | 284 Views |
|---|---|
| Author | Dr Narayandatt Shreemal |
| Publisher | Pustak Mahal KHari Babli Delhi (2023) |
| Categories | Astrology |
| Languages | Hindi |
| File Size | 9.44 MB |
| Source / Credit | View Original |
Description
वृहद हस्तरेखा शास्त्र हस्तरेखा विज्ञान (Palmistry) पर आधारित एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है, जिसमें मानव हस्तरेखाओं, पर्वतों, चिह्नों तथा हथेली की संरचना के माध्यम से व्यक्तित्व, भाग्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, विवाह, व्यवसाय और जीवन की विभिन्न संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. नारायणदत्त श्रीमाल द्वारा रचित यह पुस्तक हस्तरेखा विज्ञान के सिद्धान्तों को सरल एवं व्यवस्थित रूप में समझाती है। इस ग्रन्थ में जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा, भाग्य रेखा, सूर्य रेखा तथा अन्य महत्वपूर्ण रेखाओं का गहन विवेचन किया गया है। साथ ही हथेली के विभिन्न पर्वतों, शुभ-अशुभ चिन्हों तथा उनके प्रभावों का विस्तार से वर्णन किया गया है। पुस्तक में अनेक चित्रों एवं उदाहरणों के माध्यम से विषय को सहज एवं रोचक बनाया गया है, जिससे प्रारम्भिक विद्यार्थियों से लेकर अनुभवी ज्योतिष प्रेमियों तक सभी को लाभ प्राप्त हो सके। हस्तरेखा शास्त्र भारतीय ज्योतिष एवं सामुद्रिक शास्त्र की एक प्राचीन शाखा है, जिसका उद्देश्य व्यक्ति के स्वभाव, क्षमता और जीवन की संभावनाओं को समझना है। यह पुस्तक इसी ज्ञान परम्परा का व्यापक परिचय प्रदान करती है तथा पाठकों को हस्तरेखाओं के अध्ययन में मार्गदर्शन देती है।
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