Sri Radha-krishna Ganoddesa Dipika श्रीश्रीराधाकृष्णगणोद्देश-दीपिका

Sri Radha-krishna Ganoddesa Dipika श्रीश्रीराधाकृष्णगणोद्देश-दीपिका

Srila Rupa Goswami

Author Srila Rupa Goswami
Publisher Shree Shantidasi (2007)
Categories Bhakti, Hindi Sahitya
Languages Hindi, Sanskrit
File Size 0.43 MB
Source / Credit View Original
Report Issue / Copyright Claim

Description

श्रीश्रीराधाकृष्णगणोद्देश-दीपिका (Sri Sri Radha-Krishna Ganoddesa Dipika) गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय और भक्ति साहित्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसकी रचना श्रील रूप गोस्वामी ने की है। शीर्षक का अर्थ (Meaning of the Title) गण (Gana): इसका अर्थ है परिकर, सखा, सखियाँ या साथी (Associates)। उद्देश-दीपिका (Udessa Dipika): इसका अर्थ है 'प्रकाश डालने वाला दीपक' (Illuminating Lamp)। सरल शब्दों में, यह वह ग्रंथ है जो श्री राधा और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य साथियों, परिवार और उनके समूह पर प्रकाश डालता है। इस पुस्तक में वृंदावन में होने वाली राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़े सभी प्रमुख पात्रों का बहुत ही सूक्ष्म और विस्तृत वर्णन किया गया है श्री राधा और श्रीकृष्ण का स्वरूप: उनके दिव्य रूप, शारीरिक सौंदर्य (जैसे राधारानी का स्वर्णिम रंग और कृष्ण का मेघ-श्याम रंग), वेशभूषा, पसंदीदा आभूषण, आयु और स्वभाव का बहुत ही बारीकी से वर्णन है ।

Comments (0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to share your thoughts!