Langada Ko Sathi
| Format | Audiobook (Single File) |
|---|---|
| Author | Lain Singh Bangdel |
| Publisher | e Books (2026) |
| Source / Credit | View Original |
Description
'लङ्गडाको साथी' (Langadako Sathi) नेपाली साहित्य का एक बेहद प्रसिद्ध और मील का पत्थर माना जाने वाला उपन्यास है। इसका अर्थ होता है "लंगड़े का दोस्त"। लेखक: लैनसिंह बाङ्देल (Lain Singh Bangdel) – जो नेपाल के एक महान साहित्यकार, चित्रकार और कला इतिहासकार थे। इसका मुख्य पात्र एक गरीब, अपाहिज (लंगड़ा) और बेसहारा व्यक्ति है, जो सड़कों पर भीख मांगकर अपना जीवन गुजारता है। समाज द्वारा दुत्कारे गए और उपेक्षित इस लंगड़े व्यक्ति का इस दुनिया में कोई इंसान दोस्त नहीं है। उसका एकमात्र साथी एक आवारा कुत्ता (भोटे कुत्ता) होता है, जो हर सुख-दुख, ठंड और भूख में उसके साथ रहता है। कहानी का अंत: यह कहानी बेहद मार्मिक है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक गरीब असहाय इंसान को समाज की क्रूरता का सामना करना पड़ता है और अंत में भूख, ठंड और बीमारी के कारण उस लंगड़े की सड़क किनारे दर्दनाक मौत हो जाती है। यथार्थवाद का जनक: लैनसिंह बाङ्देल को इस उपन्यास के जरिए नेपाली साहित्य में यथार्थवाद (Realism) लाने का श्रेय दिया जाता है। इससे पहले नेपाली साहित्य में ज्यादातर जासूसी या प्रेम कहानियां लिखी जाती थीं। इस उपन्यास ने समाज की उस कड़वी सच्चाई, गरीबी, और संवेदनहीनता को दिखाया जिसे लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं।
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