Kundalini Yoga कुण्डलिनी योग

Kundalini Yoga कुण्डलिनी योग

Dr. Rakesh Giri

Author Dr. Rakesh Giri
Publisher Satyam Publishing House (2011)
Categories Aayurvada, Yoga
Languages Hindi, Sanskrit
File Size 47.74 MB
Source / Credit View Original
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Description

कुण्डलिनी योग योग, ध्यान और आध्यात्मिक जागरण पर आधारित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इस पुस्तक के लेखक Dr. Rakesh Giri हैं। इसमें मानव शरीर में स्थित सूक्ष्म ऊर्जा, चक्रों तथा कुण्डलिनी शक्ति के जागरण का विस्तृत वर्णन किया गया है। पुस्तक में योग साधना, प्राणायाम, ध्यान, मंत्र और आध्यात्मिक अभ्यासों के माध्यम से मानसिक एवं आत्मिक विकास की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया है। इसमें बताया गया है कि कुण्डलिनी शक्ति मानव शरीर में सुप्त अवस्था में विद्यमान रहती है और साधना के द्वारा उसे जागृत किया जा सकता है। ग्रंथ में सात प्रमुख चक्रों — मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा और सहस्रार — का विस्तार से वर्णन किया गया है। साथ ही ध्यान और योगाभ्यास के लाभ, सावधानियाँ तथा आध्यात्मिक अनुभवों पर भी प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक योग और अध्यात्म में रुचि रखने वाले साधकों, विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जाती है।

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