याज्ञवल्क्य महर्षि प्राचीन भारत के महान वैदिक ऋषि, दार्शनिक और यजुर्वेद के प्रमुख सुधारक माने जाते हैं। उनका स्थान भारतीय दर्शन में अत्यंत ऊँचा है, विशेषकर वेदांत (उपनिषद दर्शन) की नींव रखने वालों में उनका नाम सर्वोपरि माना जाता है। याज्ञवल्क्य ऋषि का जन्म निश्चित रूप से ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित नहीं है। वे वैदिक काल के माने जाते हैं, जो लगभग 800–500 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है।